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Azamgarh: पूर्वांचल एक्सप्रेस वे शिलान्यास पर हिन्दू-मुसलमान से ज्यादा कुछ नही बोल पाए पीएम

Azamgarh: पूर्वांचल एक्सप्रेस वे शिलान्यास पर हिन्दू-मुसलमान से ज्यादा कुछ नही बोल पाए पीएम

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आज़मगढ़ (ज़िला संवाददाता) पूर्वी उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी योजना पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का शिलान्यास वैसे तो 2016 में समाजवादी पार्टी द्वारा किया जा चुका है, परन्तु सियासत के बदलते समीकरण ने आज देश के प्रधान मंत्री को फिर आज़मगढ़ पहुंच कर शिलान्यास का अवसर दे दिया। कहा जाता है कि यह प्रोजेक्ट अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक था लेकिन बीच में चुनाव हो जाने के कारण सत्ता परिवर्तन ने सपने को तोड़ दिया और जिन्होंने से कभी सोचा भी नही था उन्हें शिलान्यास का अवसर मिल गया। आज प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी अपने तयशुदा कार्यक्रम में शामिल होने आज़मगढ़ के मंडुरी हवाई पट्टी से कार्यक्रम स्थल पर पहुंच कर एक्सप्रेस वे का शिलान्यास किया।

हिन्दू मुस्लिम की सियासत
अपने भाषण में मोदी ने जहां सपा और बसपा को आड़े हाथों लिया वहीं कांग्रेस को मुसलमानों की पार्टी बताया। मंच से पीएम ने अपनी उपलब्धियों को बताने के बजाए विपक्षियों की कमियों को गिनवाते नज़र आये।
हिन्दू और मुसलमान की सियासत से सत्ता हासिल करने वाली पार्टी के पीएम ने 2019 चुनाव के मद्देनज़र इस कार्यक्रम को भी हिन्दू मुस्लिम के रंग में रंग दिया।

बिजली कटौती से परेशान जनता
उत्तर प्रदेश की जनता बिजली की कटौती से परेशान है। अपराध चरम पर है। बेरोजगारी और भुखमरी को खत्म करने की कोई योजना नही है, द2और पीएम कह गए कि आज़ादी 70 सालों में जो कार्य हुआ उसे उन्होंने महज 4 वर्षों में करके दिखा दिया।
4 साल तक देश को बेवकूफ बनाने वालों से पूछने की हिम्मत तो जनता के पास नहीं थी लेकिन लोंगों को भुनभुनाते सुना गया कि सही कह रहे हैं पीएम साहब जितना आप ने देशवासियों को गुमराह किया उतना आज़ादी के बाद आज तक किसी ने नहीं किया।

दोबारा शिलान्यास क्यों? नहीं समझ पायी जनता

कार्यक्रम में आये लोंगों का कहना था कि जब 2016 में मुलायम सिंह द्वारा हाइवे का शिलान्यास हो चुका है और ज़िले का आधे से ज्यादा काम भी हो गया है तो फिर मोदी और योगी को दुबारा से हाइवे के शिलान्यास की क्या आवश्यकता थी। नवजवानों को रोजगार नहीं मिल रहा है। जेल में भी लोग सुरक्षित नही है। मंहगाई से गरीब आदमी दम तोड़ रहा है किसान आत्महत्या कर रहा है।

उम्मीदों पर फिरा पानी
आज़मगढ़ की जनता को उम्मीद थी पीएम के आवागमन पर ज़िले को कुछ ज़रूर मिलेगा लेकिन एक छोटे से सियासी भाषण के सिवा कुछ नहीं मिला जिसके कारण जानता में भारी आक्रोश है।
बिजली कटौती से परेशान ज़िले की जनता में सीएम के खिलाफ सख्त नाराजगी थी लेकिन सुरक्षा कारणों से जनता शांत रही।

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