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“नई मंज़िल”अल्‍पसंख्‍यकों के लिए कल्‍याणकारी योजनाएं  

“नई मंज़िल”अल्‍पसंख्‍यकों के लिए कल्‍याणकारी योजनाएं  

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नई दिल्ली। सरकार ने पिछले 4 वर्षों के दौरान समाज के अल्‍पसंख्‍यक समुदायों के लिए कई नई कल्‍याणकारी योजनाएं शुरू की हैं। ‘नई मंजिल’ औपचारिक स्‍कूल शिक्षा और स्‍कूल छोड़ चुके बच्‍चों के कौशल विकास की एक योजना है। अल्‍पसंख्‍यकों के विकास के लिए पारंपरिक कला/हस्‍तशिल्‍प में कौशल उन्‍नयन और प्रशिक्षण के लिए यूएसटीटीएडी योजना है। इस योजना के तहत वर्ष 2016-17 से पारंपरिक कला/हस्‍तशिल्‍प, रोजगार सृजन और बाजार से संपर्क साधने को बढ़ावा देने के लिए हुनर हाट का आयोजन किया जा रहा है। वर्ष 2017-18 तक हुनर हाट का सफलतापूर्वक आयोजन होता रहा है। वर्ष 2018-19 में 7 हुनर हाटों का आयोजन प्रस्‍तावित है।

भारतीय संस्‍कृति के संदर्भ में अल्‍पसंख्‍यक समुदायों की समृद्ध विरासत के संरक्षण के लिए ‘हमारी धरोहर’ योजना चलाई जा रही है। ‘अल्‍पसंख्‍यकों के लिए गरीब नवाज कौशल विकास प्रशिक्षण’ केन्‍द्र द्वारा अधिसूचित 6 अल्‍पसंख्‍यक  समुदायों मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौद्ध, पारसी और जैन से जुड़े युवाओं के लिए रोजगारपरक अल्‍पावधि कौशल विकास पाठ्यक्रम उपलब्‍ध कराने की योजना है। (यह योजना मौलाना आजाद एजुकेशन फाउंडेशन के जरिए लागू की जाती है।)

अल्‍पसंख्‍यक मंत्रालय ने नई मंजिल योजना के तहत मदरसों के छात्रों और स्‍कूल छोड़ चुके बच्‍चों के लिए ब्रिज कोर्स शुरू किया है जिसे अलीगढ़ मुस्लिम युनिसर्विटी, अलीगढ़ और जामिया मिल्लिया इस्‍लामिया, नई दिल्‍ली में चलाया जा रहा है। (यह योजना मौलाना आजाद एजुकेशन फाउंडेशन के जरिए लागू की जाती है।) स्‍वच्‍छ विद्यालय योजना मौलाना आजाद एजुकेशन फाउंडेशन द्वारा चलाया जा रहा है।

इन योजनाओं का विवरण अल्‍पसंख्‍यक मंत्रालय की वेबसाइट  www.minorityaffairs.gov.in और एमएईएफ की वेबसाइट  (www.maef.nic.in). पर उप्‍लब्‍ध है। मंत्रालय की वेबसाट पर इन सभी योजनाओं के लिए आवंटित राशि और पिछले 3 वर्षों में 30 जून 2018 तक खर्च की गई राशि के विवरण उपलब्‍ध है।

यह जानकारी आज लोकसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में केंद्रीय अल्‍पसंख्‍यक कार्य मंत्री श्री मुख्‍तार अब्‍बास नकवी ने दी।

 वीके/एएम/जेके/एस – 9497

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