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सोनी सिंह को ज़िन्दा जलाने वाले हत्यारों को 4 साल बाद भी नहीं गिरफ्तार कर पाई आज़मगढ़ पुलिस

सोनी सिंह को ज़िन्दा जलाने वाले हत्यारों को 4 साल बाद भी नहीं गिरफ्तार कर पाई आज़मगढ़ पुलिस

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आज़मगढ़। थाना रानी की सराय के ग्राम रुदरी कुर्मी टोला के ठाकुर सुरेश सिंह की लड़की सोनी सिंह को गांव के कुछ लोंगों ने आपसी रंजिश के कारण ज़िन्दा जला कर मार डाला।

8 नवम्बर 2014 को शाम के समय सोनी शौच के लिये गयी थी। जहां पहले से घात लगाकर बैठे हत्यारों ने सोनी सिंह के हाथ पैर बांध कर मिट्टी का तेल छिड़क कर आग लगा दिया। जब तक गांव और परिवार के लोग पहुंचते तब तक बहुत देर हो चुकी थी। किसी तरह आग को बुझाया गया। सूचना पा कर पहुंची पुलिस ने तत्काल एम्बुलेंस से सोनी को ज़िला अस्पताल पहुंचाया जहाँ इलाज के दौरान सोनी की मौत हो गयी।

सोनी सिंह की चीख पुकार सुनकर पहुंचे गांव और परिवार वालों ने हत्यारों को भागते हुए देखा लेकिन पकड़ने का किसी ने साहस नहीं जुटाया जिसके कारण वह लोग भाग गए।

सोनी सिंह के पिता सुरेश सिंह मुंबई रहते थे। सूचना मिलने पर आज़मगढ़ पहुंचे। तब तक सोनी सिंह का शव सदर अस्पताल आज़मगढ़ में ही रखा रहा।
पिता के आने के बाद मृत बेटी का पोस्टमार्टम हुआ और शव पिता को शौंप दिया गया।
बेटी की अंतिम क्रिया के बाद सुरेश सिंह ने बेटी के हत्या में शामिल ऊषा देवी पत्नी सुदर्शन, राजू, माला व पूजा पुत्री सुदर्शन व संजय सोनी निवासी ग्राम रुदरी थाना रानी की सराय के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज करवाया लेकिन पुलिस ने किसी को गिरफ्तार नहीं किया।

सूत्रों के अनुसार गांव के ग्राम प्रधान से सुरेश सिंह का विवाद चल रहा था जिसके कारण प्रधान ने उपरोक्त हत्यारों के सहयोग से बालिका सोनी की हत्या करवा दिया। वह ग्राम प्रधान था इस लिए पुलिस के साथ मिलकर आरोपियों को गिरफ्तार होने से बचा लिया।

सुरेश सिंह मुम्बई रहते थे इसलिए उन्हें कानूनी दाव पेंच की जानकारी थी नही जिसका फायदा हत्यारों को मिला।

मामला ज़िला अदालत में लंबित है। अभी तक अदालत ने कोई फैसला नहीं सुनाया है।

सुरेश सिंह के मुम्बई जाने के बाद उनके बड़े बेटे को हत्यारों ने एक साजिश के तहत बलात्कार के आरोप में जेल भिजवा दिया।

हत्यारों के आतंक से भयभीत परिवार ने अब गांव छोड़ दिया है कुछ लोग मुम्बई में तो कुछ इधर उधर छिप कर जीवन यापन कर रहे हैं।

हत्यारे बाहुबली और धन बलि हैं जिसके कारण पीड़ित परिवार के अधिकारों का हनन हो रहा है।
जिन्हों ने अपनी बेटी को आग के दहकते शोलों में ज़िन्दा जलते देखा है वह न्याय पाने की आस में टकटकी लगाए हुए अपने भगवान के सामने बिलाप करते रहते हैं क्योंकि वह कमजोर है। उनका कहना है कि पुलिस हत्यारे और पैसे वालों की रखैल है उसे गरीबो के अधिकारों की रक्षा करने से क्या हासिल होगा।

अब पीड़ित परिवार ने यूपी के सीएम योगी आदित्य नाथ से न्याय की गुहार लगाया है। उन्हें उम्मीद है कि बाबा योगी जी उनके साथ न्याय अवश्य करेंगें।
(आज़मगढ़ से जावेद अख़्तर की रिपोर्ट)

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