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कर्नल राठौर ने निवेशकों से देश में खेलों के विकास के लिए निवेश करने का अनुरोध किया

कर्नल राठौर ने निवेशकों से देश में खेलों के विकास के लिए निवेश करने का अनुरोध किया

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युवा मामले एवं खेल और सूचना एवं प्रसारण मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौर ने निवेशकों से देश में खेलों के विकास के लिए निवेश करने का अनुरोध किया है। आज यहां ‘स्कोरकार्ड 2018’ को संबोधित करते हुए उन्होंने देश में खेलों को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए सभी हितधारकों से एकजुट होने का आह्वान किया। कर्नल राठौर ने कहा कि खेल मंत्रालय एक ऐसी प्रणाली बनाने के लिए प्रयासरत है जिसके तहत स्थानीय प्रतिभाओं की पहचान की जाएगी, उन्हें संवारा जाएगा और फिर उन्हें अंतर्राष्ट्रीय मंच सुलभ कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा शुरू की गई ‘खेलो इंडिया’ योजना प्रतिभाओं को संवारने की दृष्टि से अत्यंत प्रभावकारी है और इस अवधारणा को लोगों ने बड़े उत्साह के साथ स्वीकार किया है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार एक ऐसी परियोजना पर काम कर रही है जिसके तहत देश में 8 से 10 साल की उम्र वाली प्रतिभाओं की पहचान की जाएगी और उन्हें छात्रवृत्तियां प्रदान की जाएंगी।

उन्होंने कहा कि सरकार एक साधारण परीक्षा (टेस्ट) के आधार पर 8 से 10 साल के बच्चों की शारीरिक फिटनेस के बारे में पता लगाने के लिए स्कूलों के बोर्ड, राज्य सरकारों और सशस्त्र बलों के साथ साझेदारी करेगी। प्रथम टेस्ट पूरा हो जाने के बाद 5,000 विद्यार्थियों की छंटनी की जाएगी और फिर इसके बाद 1,000 विद्यार्थियों की छंटनी की जाएगी जिन्हें सुपर एडवांस टेस्ट से होकर गुजरना होगा। सही खेल के लिए सही शारीरिक फिटनेस प्रतिभा की पहचान की जाएगी और उन्हें 8 वर्षों तक पांच लाख रुपये बतौर छात्रवृत्ति दिए जाएंगे, ताकि जब उस बच्चे की उम्र 16 साल हो जाएगी तो वह उस समय तक एक चैंपियन बनने के लिए तैयार हो जाएगा। मंत्री महोदय ने विशेष बल देते हुए कहा कि किसी भी एथलीट को आवश्यक धनराशि मांगने के लिए हिचकिचाने की जरूरत नहीं है क्योंकि खिलाड़ियों के लिए धन की कोई कमी नहीं है।

कर्नल राठौर ने कहा कि अभिजात वर्ग के खिलाड़ियों के लिए राष्ट्रीय खेल विकास कोष (एनएसडीएफ) के दायरे में रहते हुए टीओपी (टार्गेट ओलंपिक पोडियम) योजना तैयार की गई है जिसका उद्देश्य ओलंपिक गेम्स के लिए संभावित पदक विजेताओं की पहचान करना एवं उन्हें आवश्यक सहायता प्रदान करना है।

मंत्री महोदय ने कहा कि मणिपुर के इम्फाल स्थित राष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय अपनी तरह का पहला ऐसा विश्वविद्यालय होगा जो सर्वोत्तम अंतर्राष्ट्रीय प्रथाओं को अपनाते हुए चुनिंदा खेल विषयों में खेल शिक्षा को बढ़ावा देगा।

कर्नल राठौर ने कहा कि उनका मंत्रालय इस वर्ष के उत्तरार्द्ध में एक विनिर्माता शिखर सम्मेलन आयोजित करने पर भी विचार कर रहा है जिसमें अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों के साथ-साथ उनकी भारतीय समकक्ष भी एकजुट होंगी और वे सरकार को यह बताएंगी कि भारत में खेलकूद के उपकरणों का निर्माण शुरू करने के लिए किस तरह के नीतिगत संशोधनों की आवश्यकता है।

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