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मालीपुर में हुई युवक की हत्या को पुलिस बता रही है आत्महत्या

मालीपुर में हुई युवक की हत्या को पुलिस बता रही है आत्महत्या

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अम्बेडकर नगर(डॉ. मेला)। मालीपुर थाना अंतर्गत नेमपुर गांव में ननिहाल में रहकर पढ़ाई कर रहे, बालक अमित कुमार उर्फ मोनू को 16 / 17 अगस्त की रात 3:00 बजे के लगभग अमरूद के डाल से लटकता हुआ शव पाकर ननिहाल में कोहराम मच गया.

बूढी नानी राजदेई और उसकी सगी बहन प्रीति ने सुबह पढ़ाई करने के लिए जब अमित को जगाने उसके बिस्तर पर गई।
तो अमित रोज की तरह अपने विस्तर पर नहीं मिला ….!
तलाश जारी हुई…
थोड़ी देर के बाद टॉर्च की रोशनी में अमित की लटकती हुई लाश देखकर उसकी बहन प्रीति चीख़ पड़ी।
गांव गर्म हो गया।
लोगबाग इकट्ठा होने लगे।
चीखो पुकार के आलम में अमरूद के पेड़ पर पतली सी डाल में 70 – 80 किलो के लड़के का शव इस तरीके से लटकाया गया सा प्रतीत होता था।
जैसे उसे लाकर किसी जतन से शिफ्ट कर दिया गया है .
अमरूद के पेड़ से लिपटी हुई सब्जी की बेल और उसकी पत्तियों तक को कहीं से खरोंच नहीं आया थ।
कार की सेफ्टी बेल्ट से उसका गला बंधा पाया गया।
जबकि उस अमरूद के पेड़ से 50 मीटर की कम दूरी पर चकरोड के उस पार , धान के खेत में, कुश्ती जैसा होने का संकेत . और रोदे हुए धान के पौधे देखकर आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है।
क्या धान के खेत में किसी के साथ कुश्ती हुई है?
या उसे धक्का मुक्की करके गिराया गया है?

अमित के शव के आगे पीछे दोनों तरफ़ गीली मिट्टी क्यों और कैसे लगी थी ?
उसकी बहन ने हंसिए से रस्सी काटकर अमित की लाश को नीचे गिरा दिया था।
तो क्या लाश जमीन पर गिर कर लोटने लगी?        अमरूद के पेड़ पास सूखी जमीन थी।
मरने वाले के शरीर में, हाथ पैर में गीली मिट्टी कहां से लगी हुई थी ?
और उसके नाक पर पंच मारने जैसा निशान पूरे गांव व घर और चश्मदीदों ने देखा था . ़..!
अमित के नाक के ऊपर घुसा मारने जैसा निशान कहां से आया?
बिस्तर से किसी जतन से उठाकर ले जाकर अमित की हत्या की गई .

“हत्या के बाद में उसे आत्महत्या जैसा रूप दे दिया दिया गया….! ऐसा घर वालों का बयान है.”

लोकेशन देखने के बाद यह स्पष्ट होता है , जैसा अमित के घरवाले रो-रो कर बता रहे हैं। वहसच होगा।
इतना ही नहीं
सगी बहन प्रीति , नानी राजदेई ,और मामी पुनीता देवी का कहना है कि
लाश को घसीटकर धान के खेत से बॉस बल्ली धकिया कर तोड़ते हुए अमरुद के पेड़ में लटकाया गया है।
पुलिस अपनी जांच में हत्या को जबरिया आत्महत्या बता कर अपना पल्ला झाड़ लेना चाहती है।
नैमपुर गांव में यह दूसरी हत्या है, जिसे मालीपुर पुलिस ने आत्महत्या का नाम देखकर अपना पाला बदल लिया।
गांव वाले दबी जुबान से कहते हैं कि
हत्यारे को पुलिस जानती है।
जानबूझकर कुछ ऐसा किया गया है।
फिलहाल अमित अंबेडकर नगर नैमपुर घाट के सीमा पार कुंदा भैरोपुर जनता इंटर कॉलेज में बारहवीं का एक मेधावी और सीधा साधा छात्र था।
जिसकी किसी से कोई जाती रंजिश ज़माने वालों को नहीं पता है।
कोई कर्ज , बीमारी या दबाव जिसके चलते उसे आत्महत्या करनी पड़ी हो. स्पष्ट प्रतीत नहीं होता है। फिलहाल मालीपुर पुलिस चाहे जितनी चालाकी से हत्या को आत्महत्या में बदल कर अपने कर्तव्यहीनता का परिचयदे रही हो।
S.O. मालीपुर वकील सिंह यादव भले ही कुछ भी कहें,
लेकिन क्षेत्रीय जनता की आवाज़ को नहीं दबा सकते ….हॉ,
अपने मन की चार्जशीट लगाने की पावर ज़रूर S.O. के पास है।
तब भी ऐसे संदिग्ध प्रकरण के लिए , एक प्रबल जांच की मांग लोकहित में बेहद जायज़ है ,
कि सच क्या है?
क्या नेम पुर गांव में होने वाली हर हत्या को मालीपुर पुलिस आत्महत्या बता कर अपना पल्ला झाड़ लेगी ?

तो कब तक.?
डा. मेला
संपादक : मीडिया गांव न्यूज़

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