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केरल बाढ़: जहां मुसलमानों ने हिन्दू परिवारों को मस्जिद में दिया शरण, वहीं मुसलमानों की नमाज के लिए मंदिर का खुल गया दरवाजा

केरल बाढ़: जहां मुसलमानों ने हिन्दू परिवारों को मस्जिद में दिया शरण, वहीं मुसलमानों की नमाज के लिए मंदिर का खुल गया दरवाजा

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नई दिल्ली। केरल में बाढ़ आपदा के समय हिन्दू मुस्लिम एकता की जो तस्वीर देखने को मिली है। वह समाज में नफरत फैलाने वालों के लिए आईना साबित हो रही है।

केरल में बाढ़ से अब तक लगभग 300 लोग मर चुके हैं और लाखों लोग बेघर हो गए हैं। अरबों खरबो का नुकसान हुआ है।
दुनिया भर से लोग केरल सरकार आर्थिक सहायता दे रहे हैं।

ऐसे बुरे समय में हिन्दू, मुस्लिम, सिख और ईसाई समाज की मजबूत एकता देखने को मिली।
केरल में जहां मुसलमानों ने हिंदू परिवारों को जहां मस्जिद में ठहरने की जगह दे दिया वहीं कल मस्जिद में पानी भर जाने पर हिंदुओं ने मुसलमानों की नमाज के लिए मन्दिर का दरवाजा खोल दिया।

केरल के मलप्पुरम जिले में एक मस्जिद आज कई हिंदू परिवारों को आश्रय स्‍थल बना हुआ है। वहां उनकी देखभाल की जा रही है। मुस्‍ल‍िम समुदाय के लोग उन्‍हें समय पर भोजन और हर जरूरी मदद पहुंचा रहे हैं। इलाके में बाढ़ के कारण कई हिंदू परिवार बेघर हो गए हैं, जिन्हें मस्जिदों में शरण दी जा रही है। उत्तरी मलप्पुरम में स्थित जुमा मस्जिद इन दिनों एक राहत कैंप में तब्दील हो गया है।

केरल के त्रिशूर जिले में माला के पास स्थित ईरावतूर में बुधवार को बकरीद के मौके पर कोचुकाडव महल मस्जिद सहित कई मस्जिदें पानी में डूबी हुई थीं। स्थानीय मुस्लिम बकरीद की नमाज को लेकर परेशान थे, तभी पुरुपिलिकव रक्तेश्वरी मंदिर के अधिकारियों ने मंदिर के एक हॉल के दरवाजे नमाज पढ़ने के लिए खोल दिए और मुस्लिमों को नमाज पढ़ने का न्योता दिया।

दुनिया कट्टरवाद से नहीं इंसानियत से चलती है। जब कोई प्यासा होता है तो धर्म पूछ कर पानी नही पिलाया जाता है।
जब कोई सड़क दुर्घटना में रोड पर तड़प रहा होता है तो बचाने या उठाने से पहले कोई धर्म नहीं पूछता। यह असली सच्चाई है समाज की। बाकि तुम अपनी दुनिया में क्या करते हो किसी को इससे कोई लेना देना नही है।
By: editorgulistan@gmail.com

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