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सराहना: दिल्ली सरकार से सीखें बाक़ी के राज्य: शत्रुघ्न सिन्हा

सराहना: दिल्ली सरकार से सीखें बाक़ी के राज्य: शत्रुघ्न सिन्हा

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by August 24, 2018 दिल्ली

नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने मैन्युअल स्कैवन्जर्स के लिए एक स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम शुरू किया है। कुछ चिह्नित मैन्युअल स्कैवन्जर्स के साथ शहादरा जिले से इसकी शुरुआत की गई है। जाने-माने फिल्म अभिनेता, सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री शत्रुघ्न सिन्हा, दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, दिल्ली सरकार में समाज कल्याण मंत्री राजेंद्र पाल गौतम, साहित्य कला परिषद के सदस्य दिलीप पांडे और शहादरा के जिलाधिकारी के. महेश की मौजूदगी में डीसी ऑफिस कॉम्पलेक्स, नंद नगरी में आज इस प्रोग्राम की शुरुआत हुई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा, “तमाम गतिरोधों के बावजूद दिल्ली की केजरीवाल सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य में जो रेवलूशन लाई है, वो बेमिसाल है। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण ये है कि आजादी के इतने साल बाद भी विभिन्न प्रदेशों में, जहां की सरकारों के पास पूरी शक्तियां भी है, शिक्षा और स्वास्थ्य का ढांचा चरमरा गया है।

ध्वस्त हो चुका है। खतम है। फिनिश है। आप इसे ये भी बोल सकते हैं कि खामोश है। उन्होंने ये भी कहा कि बाकी राज्यों को दिल्ली सरकार से सीख लेनी चाहिए कि इन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में कैसे कायाकल्प किया। इसके लिए आप सब की, दिल्ली सरकार की और मेरे मित्र अरविंद केजरीवाल की जितनी भी तारीफ की जाए वो कम है।

मैन्युअल स्कैवन्जर्स के लिए स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम की बात करते हुए शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि ये कदम सम्मानीय है। प्रशंसनीय है। अनुकरणीय है।

इस मौके पर दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा, “हमें हमेशा शत्रुघ्न जी की उपस्थिति, आशीर्वाद और प्यार मिला है। पर इस नेक काम में आपकी उपस्थिति बहुत मायने रखती है।“

उन्होंने कहा कि देश की राजधानी में बैठकर हम आर्टिफीशियल मैनेजमेंट, ऑटोमेशन, डाटा मैनेजमेंट, रोबोटिक्स जैसी टेक्नोलॉजी की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं लेकिन राजधानी में ही हमारे बहुत से भाई-बहन ऐसे हैं जिन्हें अपनी जीविका के लिए लोगों का मैला उठाना पड़ता है। वहां ये सारी बड़ी-बड़ी बातें फेल हो जाती हैं।

हम आज इस मंच पर भाषण देने, विश्लेषण करने या चिंता करने नहीं आए हैं बल्कि इसका सलूशन लेकर आए हैं। ये कार्यक्रम यहां पायलट तौर पर शुरू होगा इसके बाद हम इसे पूरी दिल्ली में करेंगे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाज कल्याण मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि पहले जितने भी सर्वे होते थे तो उनमें नगर निगम की तरफ से डाटा आता था कि मैन्युअल स्कैवन्जर्स की संख्या जीरो है। इस पर हमें ये सवाल बहुत परेशान करता था कि अगर संख्या जीरो है तो सीवर साफ करते हुए ऐसे लोगों की मृत्यु कैसे होती है। इस बारे में एक्ट था लेकिन विजलेंस कमेटियां नहीं थी। मुझे ये बात बताते हुए बहुत खुशी है कि पहली बार हमारी सरकार ने जिलाधिकारियों के नेतृत्व में विजलेंस कमेटियां बनाई हैं। इसके अलावा हमने स्टेट मॉनिटरिंग कमेटी भी बनाई है। लेकिन अभी हमें और बेहतर तरीके से सर्वे की जरूरत है। फिर भी हमें पूरी उम्मीद है कि आने वाले वक्त में सीवर साफ करते हुए किसी की मृत्यु नहीं होगी।

इसके अलावा हम मशीनों से सीवर की सफाई करवाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। दिल्ली जल बोर्ड इस दिशा में काम कर रही है। सीवर की सफाई का काम करने वालों को मशीनें सरकार की तरफ से दी जाएंगी। ऐसी 200 मशीनें खरीदी जा रही हैं। सीवर की सफाई के काम में लगे लोग ही इन मशीनों के मालिक होंगे।

साहित्य कला परिषद के सदस्य दिलीप पांडे ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि दिल्ली सरकार लगातार सामाजिक सुधार और सामाजिक न्याय की दिशा में काम कर रही है। हमें खुशी है कि हमारे क्षेत्र में मैनुअल स्कैवन्जर्स की पहचान कर उनकी जिंदगी में बदलाव लाने की कोशिश हो रही है यह बहुत ही सराहनीय कदम है। जल्द ही पूरी दिल्ली में मैनुअल स्कैवन्जर्स को खत्म किया जाएगा और मशीनों का इस्तेमाल किया जाएगा। उनके काम और हुनर को सम्मान दिया जाएगा और वह सारे लोग पहले से ज्यादा कमाई करके समाज में सम्मानित जिंदगी जिएंगे।

शहादरा के जिलाधिकारी के. महेश ने बताया कि इस प्रोग्राम के लिए जिले में कुल 28 मैन्युअल स्कैवन्जर्स चिह्नित किये गये हैं जो पिछले 5 से 15 साल से इस काम में लगे हुए हैं। इन्हें तीन महीने की हाउसकीपिंग की ट्रेनिंग दी जाएगी। इस दौरान इन्हें प्रति माह 1000 रुपये का मानदेय भी दिया जाएगा। ट्रेनिंग के बाद हाउस कीपिंग सेक्टर में न्यूनतम वेतन के साथ इनके लिए जॉब का भी प्रबंध किया जाएगा। By: editorgulistan@gmail.com

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