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दिल्ली पुलिस पर बरसीं अलका लांबा, केजरीवाल ने लगाया मरहम

दिल्ली पुलिस पर बरसीं अलका लांबा, केजरीवाल ने लगाया मरहम

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by November 26, 2018 दिल्ली

नई दिल्ली। विधान सभा के विशेष सत्र में आज आम आदमी पार्टी के मुखिया और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल पर सचिवालय में हुए हमले से नाराज विधायकों में केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस के ख़िलाफ़ गुस्सा साफ दिखाई दिया।

सदन की कार्रवाई शुरू होते ही विधायकों ने केजरीवाल की जान का खतरा बताते हुए चिंता जाहिर किया तो विधायक नितिन त्यागी ने दिल्ली पुलिस के शहीदों के परिवारों को दी जाने वाली एक करोड़ की आर्थिक सहायता को बन्द करने का प्रस्ताव रखा। ज्यादातर विधायकों ने नितिन त्यागी के प्रस्ताव का समर्थन किया।

अलका लांबा ने मोदी को घेरा
विधायक अलका लांबा ने दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर गम्भीर सवाल उठाते हुए केंद्र की भाजपा सरकार पर जबरदस्त हमला बोला। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस के ज्यादातर लोग भृष्टचार में डूबे हुए है। पुलिस के सहयोग से जगह जगह नशे के अड्डे और अवैध कारोबार चलाये जा रहे हैं। पुलिस दिल्ली के निवासियों से अवैध उगाही करके अपने आकाओं तक पहुंचाती है।
उन्होंने कहा कि जिस पुलिस की ज़िम्मेदारी दिल्ली के निवासियों की सुरक्षा की है वही पुलिस दिल्ली वालों को प्रताड़ित कर रही है। जब दिल्ली पुलिस दिल्ली की जनता द्वारा चुने हुए सीएम की सुरक्षा नही कर सकती है तो दिल्ली के निवासियों की सुरक्षा कैसे करेगी?

अलका लांबा ने कहा कि 250 पुलिस वालों को बलात्कार, हत्या, अवैध उगाही और भृष्टचार के मामले में बर्ख़ास्त कर दिया गया। दिल्ली पुलिस ने 7 साल में किराए की 400 गाड़ियों पर 3 अरब 66 लाख रुपया खर्च कर दिया, जबकि 270 गाड़ियां केंद्र सरकार के द्वारा मिली हुई है।

उन्होंने कहा कि केजरीवाल की बढ़ती हुई लोकप्रियता से भाजपा परेशान है । इस लिए कभी भी केजरीवाल की हत्या हो सकती है।

सदन में मौजूद ज्यादातर विधायकों ने केजरीवाल की सुरक्षा के प्रति चिंता व्यक्त किया और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए और नितिन त्यागी के प्रस्ताव का समर्थन किया।

विधायक मनोज कुमार, इमरान हुसैन, जरनैल सिंह आदि ने भी पुलिस उत्पीड़न की घटना को बयान किया और नितिन त्यागी के प्रस्ताव का समर्थन किया।

केजरीवाल ने मरहम लगाया
दिल्ली पुलिस के शहीद हुए जवानों के आश्रितों के परिवारों को दिए जाने वाली 1 करोड़ की सहायता राशि को बन्द करने के नितिन त्यागी के प्रस्ताव को सीएम केजरीवाल ने अस्वीकार कर दिया और उन्होंने कहा कि कुछ बेईमान और भृष्ट सिपाहियों और अधिकारियों के कारण हम पूरे विभाग को दोषी नही कह सकते हैं। इस लिए शहीदों की विधवाओं को दी जाने वाली आर्थिक सहायता को बन्द करना उचित नही होगा।

केजरीवाल ने कहा कि केंद्र सरकार संविधान में संसोधन करके दिल्ली पुलिस को स्वतंत्र कर दे जिससे कि वह बिना दबाव के स्वतंत्ररूप से अपना कार्य कर सके। अभी दिल्ली पुलिस केंद्र सरकार की कठपुतली की तरह कार्य कर रही है।

एक सांसद द्वारा दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी का कॉलर पकड़ना और उल्टा उसे देख लेने की धमकी देने से भाजपा की गुंडागर्दी का अंदाजा लगाया जा सकता है।
भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने सिंगनेचर ब्रिज के उद्धघाटन के समय आईपीएस मीना का कालर पकड़ा था और देख लेने की धमकी दिया था। उस आईपीएस अधिकारी का तबादला हैदराबाद कर दिया गया, लेकिन पुलिस पर हाथ उठाने वाले भाजपा के गुंडा सांसद पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नही किया। इससे पुलिस और केंद्र सरकार की मानसिकता और कार्यशैली का अनुमान लगाया जा सकता है।
Post by: KD Siddiqui, editorgulistan@gmail.com

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