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राजस्थान: सत्ता की आलोचना पर जेल उचित नही-प्रोफेसर इसरान

राजस्थान: सत्ता की आलोचना पर जेल उचित नही-प्रोफेसर इसरान

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डीडवाना। (अबरार अली बेरी) राजकीय बांगड़ महा विद्यालय में 45 साल से चली आ रही सेठ नारायण दास बांगड़ स्मृति वाद विवाद प्रतियोगिता में ‘अभिव्यक्ति की निर्बाध स्वतन्त्रता से ही जनतंत्र की सुदृढ़ता संभव है’ विषय पर प्रदेश भर के 24 महा विद्यालयों से आये डिबेटर्स ने प्रतियोगिता को चरम तक पहुचाने के लिए अपने जबरदस्त तर्क प्रस्तुत किये । 22 विषय के पक्ष और 20 विषय के विपक्ष में अपने तर्को से प्रतियोगिता को अत्यंत रोचक बनाते हुए देर शाम तक स्रोताओं को रोकने में कामयाब रहे । बुधवार को आयोजित इस प्रतियोगिता में विपक्ष जबरदस्त हावी रहा । अधिकांश डिबेटर ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को देश,समाज और व्यक्तिगत रूप से घातक बताया ।

नैतिक मूल्यों के पतन का दौर पक्ष◆◆◆◆◆◆◆

विषय के विपक्ष में बोलते हुए एक प्रतिभागी ने कहा कि इस आजादी ने राष्ट्र की आजादी में खलल पैदा किया है युवा पीढ़ी ने इस आजादी को सांप्रदायिक सौहार्द, राष्ट्रीय गतिविधियों, धर्म और यहां तक कि सामाजिक ताने बाने को तार तार करने का भरसक प्रयास किया है । आज सोशल मीडिया के माध्यम से पूरे देश मे लोकतंत्र का मज़ाक बनाया जा रहा है लोग अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर दोनो प्रमुख धर्मों में ही नही अपितु अनेक समाजो में जहर घोलने का काम किया है । एक प्रतिभागी ने कहा कि इसी सदृढता और निर्बाधता ने इस राष्ट्र के कानून को मज़ाक़ बना कर रख दिया गया है । एक डिबेटर ने कहा कि यही आजादी हमारे नैतिक मिल्यो के पतन का सबसे कठिन दौर है अगर इस पर पाबंदी नही लगाई गई तो वो दिन दूर नही जब इस सबसे विकराल होती समस्या पर काबू पाना हमारे बस के बाहर हो जाएगा ।

निर्बाधता से ही जनतंत्र मजबूत  पक्ष ◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆
विषय के पक्ष में बोलते हुए प्रतिभागियों ने कहा कि जिस राष्ट्र में अभिव्यक्ति की आजादी हो वहाँ का जनतंत्र विशाल होता है । एक प्रतिभागी ने कहा कि मीडिया को मिली ताकत ने देश को सुदृढ बना रखा है इसी मीडिया की ताकत के चलते भ्रस्ट नेताओ पर लगाम लगा रखी है । एक डिबेटर ने कहा कि किसी भी आजाद राष्ट्र में अभिव्यक्ति की आजादी उस राष्ट्र के शक्तिशाली होने का प्रमाण है । बोलना जो जानते है वे हर समस्या का समाधान जानते है ऐसे में अभिव्यक्ति पर प्रतिबंध भ्रस्टाचार को बढ़ावा देना है । कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ इसरान ने कहा कि जीवन मे गुंजाइश हमेशा बनी रहती है । संविधान में कंही नही लिखा कि किसी आलोचक को आप सलाखों के पीछे धकेल दो । उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति ही अधिकारों की सुरक्षा का प्रमाण है । मुख्य अथिति प्रोफेसर गेना ने कहा कि वर्तमान में बेटियों की सफलताओं और हर प्रतियोगिता में मोजुदगी से लगता है कि आने वाले समय मे बेटे बढ़ाओ का नारा देना पड़े । विशिष्ट अथिति आफरीदी ने कहा कि अभिव्यक्ति राष्ट्र निर्माण में सहायक है इस पर पाबंदी हमारी उन्नति में अवरोध बन सकती है ।

नागौर ने जीती चल वैजयंती

45वीं इस वाद विवाद प्रतियोगिता में नागौर के राजकीय महा विद्यालय के लक्मन विश्नोई और स्वराज लक्ष्मी की जोड़ी ने चल वैजयंती पर कब्जा किया । व्यक्ति गत पुरुस्कारों में स्वराज लक्ष्मी नागौर प्रथम, निखिल ढाका सुजानगढ़ द्वितीय, विधा भाटी बीकानेर तृतीय रहे वहीं लक्ष्मण विश्नोई, शाहरूख पंवार और नेहा कंवर ने सांत्वना पुरस्कार जीते । इस प्रतियोगिता में महाराज गंगा सिंह विश्व विद्यालय बीकानेर के पूर्व कुलपति प्रोफेसर सीबी गेना मुख्य अथिति, पूर्व प्राचार्य प्रोफेसर एच आर इशरान अध्यक्ष, राजस्थान सुजस के संपादक साहित्य कार फारूक आफरीदी विशिष्ट अथिति, बांगड़ परिवार के श्री गोपाल बगड़िया स्वागताध्यक्ष के साथ प्राचार्य एन आर ढाका, छात्र संघ अध्यक्ष आमराराम, उपाचार्य समन्वयक डॉ जहांगीर रहमान कुरैशी मंचस्थ रहे । दूसरी तरफ डॉ गजदान चारण, डॉ अरुण व्यास प्रतियोगिता का संचालन कर बखूबी किया ।

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