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उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन हादसे में सहायता राशि मांगने वाले नौ आवेदक फर्जी

उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन हादसे में सहायता राशि मांगने वाले नौ आवेदक फर्जी

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मेरठ। मुजफ्फनगर में उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन हादसे के बाद रेल मंत्रालय भले ही हिल गया, लेकिन फर्जी काम करने वालों की नीयत डोल गई। उत्कल एक्सप्रेस हादसे में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन को हटा दिया गया था। वहीं दूसरी ओर कुछ लोग सहायता राशि लेने के लिए जुगाड़ में लगे थे। 

इस हादसे के महीनों बाद क्लेम लेने के लिए रेलवे के पास 11 आवेदन आए। जिसमें से रेलवे ने जांच के आधार पर 9 आवेदनों को फर्जी बताया है। 19 अगस्त 2017 को खतौली के पास उत्कल एक्सप्रेस के डीरेल हो जाने के बाद 130 यात्री घायल हुए थे और 25 लोगों की मौत हुई थी। इसी के आधार पर यात्रियों ने वकीलों से रिपोर्ट तैयार कर रेलवे से सहायता राशि की मांग की। रेलवे और आरपीएफ की जांच रिपोर्ट में इन क्लेम को फर्जी पाया गया है। जिनकी रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी गई है।

जिन घायलों को खतौली सीएचसी या अन्य किसी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसी के आधार पर घायलों की सूची जारी की गई थी। मुजफ्फरनगर सीएमओ की रिपोर्ट में हादसे में नाम के साथ 130 घायलों की सूची रेलवे को सौंपी गई थी।

इन 11 आवेदकों के दावे को सीएमओ की रिपोर्ट के आधार पर ही झुठलाया गया है। वहीं सीएमओ की रिपोर्ट के साथ-साथ रेलवे के डॉक्टर भी हादसे में घायलों का इलाज कर रहे अस्पतालों में मौजूद थे। उनकी रिपोर्ट में भी इन घायलों का नाम नहीं है। वाणिज्य निरीक्षक गुरजीत सिंह ने बताया कि 11 आवेदन सहायता राशि लेने के लिए हमारे पास आए। हमने आरपीएफ को साथ लेकर इसकी जांच की  है। इसमें से 9 आवेदक फर्जी निकाले गए हैं। इसकी रिपोर्ट मुख्यालय को भेज दी गई है।

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