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तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा चार दिनी प्रवास पर पहुंचे सारनाथ

तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा चार दिनी प्रवास पर पहुंचे सारनाथ

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वाराणसी। तिब्बतियों के सर्वोच्च धर्मगुरु दलाई लामा दोपहर में अपने चार दिनी प्रवास में वाराणसी स्थित सारनाथ पहुंच गए। वाराणसी स्थित बाबतपुर एयरपोर्ट से निकलकर सीधे सारनाथ स्थित गेस्‍ट हाउस पहुंचे जहां वह विश्राम करेंगे। सारनाथ पहुंचने पर उनका स्वागत संस्थान के निदेशक पदम् श्री नवांग सम तेन ने खाता भेट करके किया। इस दौरान पदम् श्री राम शंकर त्रिपाठी, संस्था के कुलसचिव डॉ आर के उपाध्‍याय भी मौजूद रहे।

प्रवास के दौरान दलाई लामा केंद्रीय तिब्बती उच्च शिक्षण संस्थान के गोल्डेन जुबली समारोह में महात्मा बुद्ध, नागार्जुन व अवलोकेतेश्वर के बीच बैठेंगे। उत्सव के लिए खेल मैदान में बनाए जा रहे मंच पर इन देवों विभूतियों के चित्रों का ही थंका लगाया गया है। इस पर दलाई लामा विरजामान होंगे तो सामने सज्जित विशाल पंडाल में मंजूश्री, वज्रपाणि समेत नालंदा के सत्रह महासिद्ध पंडितों की झांकी थंका के रूप में सामने होगी।

कई कार्यक्रमों के करेंगे प्रतिभाग : दलाई लामा केंद्रीय तिब्बती उच्च शिक्षा संस्थान के गोल्डेन जुबली समारोह में शामिल होने के लिए सारनाथ में इस दौरान रहेंगे। वे 30 व 31 दिसंबर को आयोजित ‘भारतीय दर्शन व आधुनिक विज्ञान में मन की अवधारणा’ विषयक अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्घाटन करेंगे। इसमें फ्रांस के मनोविज्ञानी प्रो. मिचत विटबाल, अमेरिका के प्रो. सिआनरेमान, कनाडा के थुप्तेन जम्पा, श्रीलंका के भिक्षु संघतिलक रत्ने सहित कोलकाता, नागपुर, मुंबई, इलाहाबाद व देश-विदेश के करीब 100 ख्यातिलब्ध विद्वान प्रतिभाग करेंगे।

इसके लिए संस्थान के खेल मैदान में विशाल वाटर प्रूफ पंडाल बन कर तैयार है। इसमें दो हजार लोगों को बैठने के लिए कुर्सियां लगाई जा रही हैं। मंच पर दलाई लामा व विशिष्ट अतिथियों को बैठने के लिए अर्ध चंद्राकार सोफा आदि भी गुरुवार दोपहर सजा दिया गया। परम पावन दलाई लामा संस्थान के 50 वर्ष पूर्ण होने पर खेल मैदान पर एक जनवरी को आयोजित स्वर्ण जयंती समारोह को संबोधित भी करेंगे।

परम पावन के साथ दस सदस्यीय दल : संस्थान के निदेशक पद्मश्री प्रो. नवांग सामतेन ने बताया कि दलाई लामा नई दिल्ली से दस सदस्यों संग एयर इंडिया के विमान से यहां पहुंचे हैं। केंद्रीय तिब्बती संस्थान में उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। अपने कक्ष में जाकर पूरे दिन विश्राम करेंगे और दूसरे दिन प्रात: नौ बजे अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का उद्घाटन करेंगे। सेमिनार में 80 विदेशियों के साथ अपने देश के विभिन्न बौद्ध मठों व विश्व विद्यालयों से लगभग 150 विद्वान आएंगे।

डिटर्जेंट पाउडर से धुले रास्ते, सजाए फूल : गोल्डेन जुबली समारोह और दलाई लामा के आगमन के मद्देनजर संस्थान में पूरे दिन तैयारियाें को आखिरी दौर में फाइनल टच दिया जाता रहा। परम पावन जिस आवास में ठहरेंगे उस परिसर सहित प्रवेश मार्ग की डिटर्जेंट पाउडर से धुलाई की गई। छात्र-छात्राओं ने परिसर के रास्तों पर रंगोलियां बनाईं और दोनों किनारे फूलों के गमले लगाए। परिसर को जगमग करने के लिए पेडों-झाडिय़ों के नीचे रंगीन लाइटों का फोकस दिया गया।

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