उन्होंने कहा कि यहां किसी कीमत पर लैंडफील साइट नहीं बनने देंगे। अगर इसके लिए खून का एक-एक बूंद भी बहाना पड़े, किसी भी हद तक जाना पड़े, पीछे नहीं हटेंगे। यह बताने के लिए ही उन्होंने खून से पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि वह किसी भी कीमत पर 25 लाख से अधिक लोगों का जीवन प्रभावित नहीं होने देंगे।

इससे यमुना का पानी, भूगर्भ जल व हवा और जहरीला होने के साथ करावल नगर, सोनिया विहार, सीलमपुर व घोंडा समेत आसपास के अन्य कॉलोनियों के 25 लाख से अधिक लोगों को प्रभावित करेगा।

उन्होंने दिल्ली सरकार के साथ ही भाजपा और कांग्रेस पार्टी पर सियासत का आरोप लगाते हुए कहा कि तीनों बाहर इसका विरोध कर रहे हैं, लेकिन एनजीटी में दिल्ली सरकार का पर्यावरण विभाग, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, दिल्ली विकास प्राधिकरण व पूर्वी दिल्ली नगर निगम इसका समर्थन कर रही है। यह नहीं चलेगा। सभी को अपना रुख साफ करना होगा।