दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष के पद पर अनुभवी लोगों में से किसी को रखा जा सकता है। बुधवार को कार्यकर्ताओं के बीच भी ऐसी चर्चा तेज थी कि शीला दीक्षित, योगानंद शास्त्री और अशोक वालिया में से किसी को जिम्मेदारी दी जा सकती है।

अन्यथा पुरबिया वोट साधने के लिए महाबल मिश्रा को आगे लाया जा सकता है। कुछ लोग नरेंद्र नाथ का भी नाम ले रहे हैं। अशोक वालिया का कहना है कि प्रदेश अध्यक्ष बदलने की कोई जानकारी नहीं है। न ही ऐसी कोई चर्चा है। इस बारे में मैं भी पता लगाऊंगा।

हालांकि प्रदेश कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि यह महज पार्टी में असंतुष्ट लोगों के कयास हैं।

फिलहाल किसी तरह के परिवर्तन की संभावना नहीं है। 29 अप्रैल की रैली बहुत सफल रही और कुछ विरोधी लोग जानबूझकर ऐसी अफवाह फैला रहे हैं। दिल्ली में कांग्रेस मजबूत हो रही है और यह भाजपा और आम आदमी पार्टी को समझ में आ रहा है। यह अफवाह इसी का नतीजा है।