चाइल्ड लाइन पर 17 वर्षीय पीड़िता की शिकायत के बाद आयोग ने इसका संज्ञान लेकर पीड़िता की मदद की।  आरोपित पिता पिछले एक वर्ष से भी अधिक समय से पीड़िता के साथ ऐसी हरकत कर रहा था। इस संबंध में पॉक्सो एक्ट के तहत बुराड़ी थाने में मामला भी दर्ज हुआ।

डीसीपीसीआर की सदस्य ज्योति राठी के मुताबिक लड़की का सौतेला पिता उस पर गंदी नजर रखता था। इसकी जानकारी मां को भी थी, लेकिन पीड़िता को चुप रहने के लिए कह दिया जाता था। पीड़िता ने जब इसकी शिकायत चाइल्ड लाइन को की तो आयोग के हस्तक्षेप के बाद थाने में शिकायत दर्ज हुई।

पुलिस ने पहले अन्य धारा में रिपोर्ट दर्ज की थी, लेकिन आयोग के हस्तक्षेप के बाद पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया। पिता को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। वहीं मानसिक तौर पर तनाव से जूझ रही पीड़िता वापस घर जाना नहीं चाहती थी।

इस पर उसे किंग्सवे कैंप स्थित बाल कल्याण समिति के समक्ष ले जाया गया और उसकी काउंसिलिंग कराई गई। इसके बाद उसे वहां से बाल सुधार गृह भेज दिया गया है।