इस मौके पर नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार सदन के निर्माण के लिए हमने डीडीए से जमीन मांगी थी। पहले एक एकड़ जमीन हमें दी गई, लेकिन इससे हमारी समस्या का समाधान नहीं हो रहा था। बिहार सरकार ने डीडीए से दो एकड़ जमीन देने का आग्रह किया और द्वारका में हमें यह जमीन दी गई।

यहां पर दस मंजिला भवन का निर्माण किया जाएगा। इसमें 118 कमरे, 225 गाड़ियों के पार्किंग की व्यवस्था होगी। इसका निर्माण कार्य अगले साल अक्टूबर तक पूरा होने की उम्मीद है। हम यह चाहते हैं कि दो अक्टूबर से पहले यह बनकर तैयार हो जाए और 2 अक्टूबर को इसका शुभारंभ हो।

इस दिशा में कार्य किए जा रहे हैं। 200 व्यक्तियों की क्षमता वाला सभागार, 180 व्यक्ति के एक साथ बैठने वाला कैफेटेरिया होगा। इसके अलावा सोलर पैनल भी लगाए जाएंगे, जिससे कि बिजली के लिए हमें किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़े। पर्यावरण संरक्षण हमारा प्रमुख उद्देश्य है। इस कारण सौर ऊर्जा को बढ़ावा दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि पटना में आधुनिक शैली के मकान बनाए जा रहे हैं। बिहार संग्रहालय का निर्माण किया गया है। पहले इसकी काफी आलोचना हुई, लेकिन बाद में सभी ने इसकी सराहना की। आज यह आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। बापू सभागार का निर्माण किया गया है। इसमें पांच हजार लोग एक साथ बैठ सकते हैं। इसके अलावा पटना में साइंस सिटी का निर्माण किया जा रहा है।