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बिहार में बाढ़ पीड़ितों के लिए फरिश्ता बन कर पहुंचे उलेमा काउन्सिल के संस्थापक मौलाना रशादी

बिहार में बाढ़ पीड़ितों के लिए फरिश्ता बन कर पहुंचे उलेमा काउन्सिल के संस्थापक मौलाना रशादी

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लखनऊ। राष्ट्रिय उलेमा काउन्सिल समाज के दबे कुचले और हासिये पर अपना जीवन यापन कर रहे देशवासियों की सहायता के लिए सदैव खड़ी दिखाई दे रही है। बिहार के बाढ़ पीड़ितों के लिए उलेमा काउन्सिल की तरफ से कई ट्रक राहत सामग्री के साथ पार्टी के संस्थापक मौलाना रशादी ने स्वयं मौके पर पहुँच कर हालत का जायजा लिया और परशान लोगों को हर संभव सहायता करने का आश्वासन दिया। ग्रामीणों का कहना है कि उलेमा काउन्सिल देश की पहली ऐसी राजनैतिक पार्टी है जिसने बिना जाति- पात और धर्म का भेद- भाव किये पीड़ितों की सहायता के लिए आगे आयी है। लोगों ने कहा कि मौलाना रशादी हमारे बीच फरिश्ता के रूप पहुंचे। मौलाना रशादी के पहुँचने से पहले पार्टी के कार्यकर्ता कई दिनों से लगातार बाढ़ पीड़ितों की सहायता में अपना योगदान दे रहे थे।

National President, Ulema Council, In Bihar

उलेमा काउन्सिल सिर्फ बिहार के बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए ही आगे नहीं आयी है बल्कि देश के हर उस मजलूम और बेसहारा के साथ खडी दिखाई देती है जो अपने आप को बेसहारा महसूस करता है। पार्टी के कार्यकर्ता फर्जी मुकदद्मों और आपराधिक मामलों में फंसाये गए बेगुनाह ग़रीब लोगों को न्याय दिलाने के लिए बाकायदा एक लीगल सेल बनाया हुआ है जिसके माध्यम से लोगों को क़ानूनी सहायता प्रदान की जाती है।
पार्टी की धर्मनिरपेक्ष कार्यप्रणाली को देख कर लोग भारी संख्या में सदस्य्ता ग्रहण कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश में छोटे दलों को पीछे छोड़ते हुए पार्टी अपनी नई पहचान बनाने और 2019 में राष्ट्रिय दलों को टककर देने के लिए रणनीति पर कार्य कर रही है। पार्टी में सभी जाति और धर्म के लोग बिना किसी दबाव और बंधन के कार्य कर रहे हैं। पार्टी का उद्देश्य समाज की मुख्यधारा से कटे हुए लोगों को मुख्य धारा में वापिस ले आना और सभी को न्याय, अधिकार और सम्मान दिलाना है।

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