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भारतीय किसान यूनियन (भानू) की गर्जना से हिला प्राधिकरण, राकेश मिश्रा से विभाग छीना

भारतीय किसान यूनियन (भानू) की गर्जना से हिला प्राधिकरण, राकेश मिश्रा से विभाग छीना

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नोयडा। किसानों के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही संस्था भारतीय किसान यूनियन (भानू ) पिछले पंद्रह दिनों से अनिश्चित कालीन धरना दे रही है लेकिन प्राधिकरण और प्रशासनिक अधिकारीयों को कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। आज बुधवार की महापंचायत में भानू के आह्वान पर नोयडा के हज़ारों किसान प्राधिकरण के गेट पर हो रही पंचायत में पहुंचे। किसानों ने प्राधिकरण के तानाशाही रवैय्ये के खिलाफ संगठित हो कर आंदोलन ज़ारी रखने की घोषणा किया। किसान नेताओं ने प्राधिकरण के दबंग व्यवहार के खिलाफ हिंसक आंदोलन की चेतावनी दिया और कहा की प्राधिकरण अगर शांतिपूर्वक हमारी मांगों को नहीं मानेगा तो मज़बूरी में किसानों को हिंसक होना पड़ेगा।
किसानों ने प्राधिकरण को चेतावनी दिया कि अगर हमारी आबादी की तरफ किसी अधिकारी ने आंख उठाकर देखा तो उसकी आँख निकाल लेंगे। किसानों ने आपस में यह सहमती बनाया कि अब अगर किसी गांव में प्राधिकरण तोड़ -फोड़ करने पहुंचेगा तो सूचना मिलते ही पूरे नोयडा के किसान वहां पर पहुँच कर तोड़ – फोड़ का विरोध करेंगे।

किसानों का आरोप
किसानों का आरोप है की प्राधिकरण ने नियमों के विरुद्ध जाकर हमारी ज़मीनों को अधिग्रहित कर लिया और किसानों को अँधेरे में रखा। अधिग्रहण के समय जो किसानों से समझौता हुआ था, प्राधिकरण उसे पूरा नहीं कर रहा है।
किसानों का आरोप है कि प्राधिकरण किसानों के साथ अपराधियों के जैसा व्यवहार करता है। लम्बे समय से किसानों को दस प्रतिशत आबादी का भूखंड नहीं दिया जा रहा है। पुरानी आबादी का नियमितीकरण नहीं किया जा रहा है। प्राधिकरण वर्षों पुरानी आबादी पर बने मकानों को ध्वस्त कर रहा है। किसानों से प्राधिकरण के अंदर असभ्य व्यवहार करते हैं अधिकारी। किसानों के कागजी कार्य करने के लिए घूस मांगते हैं, प्राधिकरण के बाबू।

ज्ञापन लेने पहुंचे एसपी और सिटी मजिस्ट्रेट

किसानों की महापंचायत में पहुंचे एसपी सिटी और सिटी मजिस्ट्रेट ने किसानों से ज्ञापन लिया और उसे जिला अधिकारी तक पहुँचाने का आश्वासन दिया। किसानों ने मुख्य मंत्री से मुलाकात का समय माँगा जिसके सिटी मजिस्ट्रेट ने आश्वासन दिया है की किसानों की बात वह शासन तक पहुँचाने का प्रयास करेंगे। एसपी सिटी अरुण कुमार ने किसानों से शांति व्यवस्था बनाये रखने का अनुरोध किया और हर सम्भव किसानों की समस्यों को शीर्ष अधिकारीयों तक पहुँचाने का आश्वसन दिया।

एनसीआर भूमि अधिग्रहण एक्ट 1985

नोयडा के किसान रघुराज सिंह ने एसपी सिटी और सिटी मजिस्ट्रेट से तीखे सवाल किये जिससे अधिकारी बगले झांकते दिखाई दिए। रघुराज सिंह ने कहा की एनसीआर भूमि अधिग्रहण एक्ट १९८५ के अनुसार नोयडा के किसानों की ज़मीनों का अधिग्रहण नहीं किया गया है बल्कि दबंगई की गयी है और नियमों का खुले आम उल्लंघन किया गया है। उन्होंने कहा की अगर अधिकारी इमानदार है तो हम सभी किसान खुले मंच पर बैठक करने को तैयार हैं और हम नियमों की बात करेंगे और अगर हमने नियमों का उल्लंघन किया है तो हम उठ कर चले जायेंगे और अगर प्राधिकरण ने अधिग्रहण में नियमों का उल्लंघन किया है तो समस्त अधिग्रहण रद्द माना जायेगा।
उन्होंने कहा कि नोयडा में सात हज़ार एकड़ ज़मीन का अधिग्रहण करना था लेकिन प्राधिकरण ने तीह हज़ार से भी ज्यादा ज़मीन का अधिग्रहण कर लिया और उल्टा किसानों को भू माफिया कहते हैं। सिंह ने बताया कि यमुना प्राधिकरण की बुनियाद एनसीआर एक्ट के विपरीत रखी गयी है। अब जब प्राधिकरण ही अवैध है तो अधिग्रहण कैसे वैध हो सकता है। सिंह ने कहा कि नोयडा प्राधिकरण का कार्यालय सडक पर बना हुआ है, क्यूँ न सबसे पहले इसी कार्यालय को ध्वस्त किया जाये। उन्होंने कहा की जैसे नोयडा के किसानों के साथ धोखा हुआ है ठीक वैसे ही ज़ेवर एअरपोर्ट के नाम पर किसानों को ठगा गया है। बिना अधिग्रहण के ही भूमि का उपयोग बदल दिया गया है जो कहीं से न्यायोचित नहीं है।

पंचायत में किसानों ने रखी अपनी बात

महापंचायत में आये किसानों ने बारी -बारी से अपनी बात रक्खी, और सभी किसानों ने संगठित हो कर प्राधिकरण के खिलाफ चल रहे धरने को आंदोलन का रूप देने का संकल्प लिया। महापंचायत का समापन मंडल अध्यक्ष बेगराज गुर्जर ने किया। बेगराज ने कहा की किसानों के अधिकारों के लिए भानू तब तक संघर्ष करता रहेगा जब तक नोयडा के एक -एक किसान को उसका अधिकार नहीं मिल जाता है। उन्होंने कहा की नोयडा के किसानों के ऊपर माफिया एक्ट लगाया जा रहा है। डराया जा रहा है। धमकाया जा रहा है लेकिन यह नोयडा का किसान न डरने वाला है और न ही झुकने वाला है। जब तक उस को उसका अधिकार नहीं मिल जायेगा।
किसानों ने प्राधिकरण के एसीओ राकेश मिश्र के द्वारा किये अभद्र व्यवहार की निंदा किया और एक स्वर में उसके तबादले की मांग किया। अपुष्ट खबरों से पता चला है कि प्रशासन ने एसीओ राकेश मिश्र से भू लेख विभाग छीन लिया गया है।
भाकियू भानू के मास्टर स्वराज सिंह ने महापंचायत में पधारे सभी किसानों का आभार व्यक्त किया और सदैव इसी तरह संगठित रह कर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने की आशा व्यक्त किया।

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