Skip to Content

लंदन: ब्रिटेन में स्थानीय निकाय चुनावों के लिये मतदान, टेरीजा मे की चुनावी परीक्षा

लंदन: ब्रिटेन में स्थानीय निकाय चुनावों के लिये मतदान, टेरीजा मे की चुनावी परीक्षा

Be First!

लंदन। समूचे इंग्लैंड में आज स्थानीय निकायों और मेयर सीटों के लिये आज मतदान हो रहा है। इन चुनावों को पिछले साल के संसदीय चुनाव के बाद से प्रधानमंत्री टेरीजा मे की पहली चुनावी परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है। मे की कंजरवेटिव पार्टी को पिछले साल जून में हुए चुनाव में बड़ा झटका लगा था, जब वह संसद में बहुमत कायम रखने में विफल रही। इसने ब्रेक्जिट वार्ता से पहले नयी अनिश्चितताएं पैदा कर दीं। स्थानीय निकाय के चुनाव में 150 से अधिक स्थानीय प्राधिकारों के लिये चुनाव कराए जा रहे हैं। इसमें मेट्रोपोलिटन एवं जिला परिषद और एकात्मक प्राधिकार और लंदन बरो शामिल हैं। ये चुनाव कंजरवेटिव पार्टी नीत सरकार के लिये अहम परीक्षा साबित होंगे क्योंकि पिछले साल जून में समय से पहले चुनाव कराए जाने के बाद से पहली बार जनता अपनी राय जाहिर करेगी। मे मतदान करने वाले नेताओं में अग्रणी थीं। कंजरवेटिव, लेबर और लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी समेत अन्य छोटी पार्टियां और नागरिक समूह देशभर में 4371 सीटों पर कब्जा बरकरार रखने या उनपर कब्जा जमाने के लिये एक – दूसरे से मुकाबला करेंगे।

लंदन के वैटफोर्ड, हैकनी, न्यूहम, लेवीशैम और टॉवर हैमलेट क्षेत्र मेयर चुनेंगे जबकि शेफील्ड सिटी रीजन पहली बार अपना मेयर चुनेगा। ज्यादातर काउन्सिल रात 10 बजे मतदान बंद होने के बाद देर रात तक नतीजे की घोषणा कर देंगे, लेकिन कुछ काउन्सिल कल दिन में परिणाम घोषित करेंगे। स्कॉटलैंड , वेल्स और उत्तरी आयरलैंड में कोई चुनाव नहीं हो रहे हैं। इंग्लैंड के बाहर उत्तरी आयरलैंड में सिर्फ वेस्ट टाइरोन के वेस्टमिंस्टर सीट के लिये संसदीय सीट के लिये उपचुनाव हो रहा है। चुनावी धोखाधड़ी को रोकने के लिये पांच काउन्सिल मतदाता पहचान पत्र योजना का भी परीक्षण करेंगे। अगर यह प्रयोग सफल रहा तो भावी चुनावों में इस योजना को बड़े पैमाने पर लागू किया जा सकता है। मे अपने पति फिलिप मे के साथ अपने 10 डाउनिंग स्ट्रीट स्थित कार्यालय सह आवास के पास वेस्टमिंस्टर के मेथडिस्ट हॉल में मतदान करने पहुंचीं। विपक्षी लेबर पार्टी के नेता जेरेमी कोर्बिन उत्तरी लंदन के इसलिंगटन में एक मतदान केंद्र पर वोट डालने पहुंचे। दोनों पार्टियों को हाल में दुष्प्रचार का सामना करना पड़ा है। कंजरवेटिव पार्टी की सरकार की विंडरश आप्रवासी घोटाले को लेकर आलोचना हो रही है और लेबर पार्टी यहूदी विरोधी होने के आरोपों से जूझ रही है।
Previous
Next

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*