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न्यू यॉर्क टाइम्स स्क्वेयर : महात्मा गाँधी, नेहरू, मौलाना आज़ाद और अम्बेडकर ने बदला देश – राहुल गाँधी

न्यू यॉर्क टाइम्स स्क्वेयर : महात्मा गाँधी, नेहरू, मौलाना आज़ाद और अम्बेडकर ने बदला देश – राहुल गाँधी

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नई दिल्ली,एजेंसियां। कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने न्यू यॉर्क के ऐतिहासिक टाइम्स स्क्वेयर में भारतीय समुदाय को संबोधित किया। राहुल ने कहा कि देश को आपकी जरूरत है। महात्मा गांधी, पंडित जवाहर लाल नेहरू, सरदार पटेल, डॉक्टर आंबेडकर, मौलाना आजाद सभी एनआरआई थे। इन लोगों ने विदेशों में रहकर दुनिया को देखा और समझा। इसके बाद भारत लौटे और देश के लिए काम किया। कांग्रेस का असली आंदोलन एनआरआई मूवमेंट था। राहुल ने कहा, ‘भारत की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक श्वेत क्रांति है। इसे प्रवासी भारतीय वर्गीज कुरियन ने संभव बनाया। सैम पित्रोदा जैसी शख्सियत विदेश में काम करने के बाद भारत आए और भारतीय सूचना क्रांति में अपनी अहम भूमिका अदा की।’

राहुल गांधी ने कहा कि भारत हजारों साल से एकता और शांति के साथ रहने के लिए दुनियाभर में जाना जाता है, लेकिन अब इस छवि को बिगाड़ा जा रहा है। देश में असहिष्णुता बढ़ रही है। कुछ ऐसी ताकतें हैं, जो भारत को बांट रही हैं। देश की विभाजनकारी राजनीति भारत की छवि को विदेशों में धूमिल कर रही है। प्रवासियों को इन शक्तियों के खिलाफ खड़े होना चाहिए।’

बेरोजगारी सबसे बड़ी समस्या
राहुल गांधी ने कहा कि हर दिन 30 हजार युवा जॉब मार्केट में एंट्री करते हैं, लेकिन इनमें से 450 को ही जॉब मिल पाती है। ये भारत के लिए सबसे बड़ा चैलेंज है। उन्होंने कहा कि बिना रोजगार पैदा किए भारत आगे नहीं बढ़ सकता। कांग्रेस पार्टी के पास विजन है। हमारा फोकस सिर्फ 50-60 बड़ी कंपनियों पर नहीं है। हम लघु और मझोले उद्योगों को बढ़ावा देंगे जिससे लाखों लोगों के लिए जॉब के अवसर पैदा हों।

एक महीने में टाइपराइटर से कंप्यूटर तक
राहुल गांधी ने कहा कि भारतीयों को नया विचार अपनाने में समय लगता है लेकिन जब वे उसे समझ जाते हैं तो वे तुरंत उसे अपना लेते हैं। उन्होंने कहा कि 80 के दशक में जब उनके पिता राजीव गांधी प्रधानमंत्री कार्यालय में कंप्यूटर लेकर आए तो काफी विरोध हुआ। कर्मचारियों ने बोला कि वे कंप्यूटर नहीं चाहते। सैम (पित्रोदा) और शायद मेरे पिता ने कहा कि ठीक है आप अपने टाइपराइटर रख सकते हैं, लेकिन हम एक महीने के लिए उनकी जगह कंप्यूटर लाने जा रहे हैं और एक महीने बाद हम आपको टाइपराइटर्स वापस दे देंगे। राहुल ने कहा कि एक महीने के बाद जब उनके पिता ने टाइपराइटर वापस दिए तो कर्मचारी कंप्यूटर के लिए लड़ने लगे।

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