Skip to Content

बीएचयू : बेटियों की सुरक्षा का दावा करने वाले, बनारस से पीठ दिखा कर भाग गए

बीएचयू : बेटियों की सुरक्षा का दावा करने वाले, बनारस से पीठ दिखा कर भाग गए

Be First!

वाराणसी। बेटियों की सुरक्षा के बड़े – बड़े दावे करने वाले पीएम शनिवार को मुंह छुपा कर बनारस से दिल्ली वापिस आ गए। जब कि कशी हिन्दू विश्व विद्यालय की बेटियां सुबह छः बजे से पीएम से मिलने के लिए इंतज़ार करती रहीं। गौरतलब है कि गुरुवार की रात को बीएचयू के हॉस्टल में छात्राओं से छेड़ – छाड़ की घटना सामने आयी थी। लड़कियों ने उसकी शिकायत कुलपति से किया, लेकिन जब कुलपति की तरफ से असामाजिक तत्वों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो लड़कियों ने शुक्रवार को कैम्पस में धरना शुरू कर दिया।

धरना शांतिपूर्वक चल रहा था। धरने में लड़कियां छेड़खानी करने वाले लड़कों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रही थी, लेकिन उनकी मांग को अनसुना कर दिया गया। चूँकि दो दिन के लिए पीएम बनारस में ही थे इस लिए शनिवार को लड़कियों ने अपनी बात पीएम से कहना चाहा, लेकिन प्रशासन से इसकी अनुमति नहीं मिली। कार्क्रम स्थल पर जाने का प्रधान मंत्री का रुट वही था इसलिए लड़कियों को उम्मीद थी कि पीएम जाते समय उनकी बात ज़रूर सुनेगें, लेकिन आखिर समय में प्रधान मंत्री का रास्ता ही बदल दिया गया।

शनिवार को ही रात्रि के समय कैम्पस के अंदर छात्र और छात्राओं पर सुरक्षा कर्मियों द्वारा लाठी चार्ज किया गया जिसमें कई लड़किया घायल हो गयी। लाठी चार्ज के बाद छात्र उग्र हो गए और कैम्पस से बाहर निकल कर आस – पास खड़ी गाड़ियों में आग लगा दिया।
कुछ देर में पूरे कैम्पस को सुरक्षा बलों के हवाले कर दिया गया लेकिन अभी भी कैम्पस के हालत ठीक नहीं है।

छात्राओं का आरोप

यूनिवर्सिटी की छात्राओं का आरोप है की आये दिन कालेज के कुछ शरारती छात्र लड़कियों के हॉस्टल के सामने अश्लील हरकते करते रहते हैं। लड़कियों के आते – जाते सिटी बजाते है, और अश्लील शब्दों से अपमानित करते हैं। कुछ लड़के तो हॉस्टल के सामने हस्तमैथुन करते हैं। कैम्पस का वातावरण इतना गन्दा हो गया है कि लड़कियों का वहां रहना मुश्किल हो गया है। यूनिवर्सिटी प्रशासन हमारी शिकायतों पर कार्रवाई नहीं करता है जिसके कारण शरारती लड़कों को मूक समर्थन मिल रहा है। प्रधान मंत्री दुनिया में जा जा कर महिला सशक्तिकरण और बेटी पढ़ाओ की बात करते हैं लेकिन नाक के निचे लड़कियों पर हो रहे अत्याचार पर गूंगे और बहरे बन कर निकल गए, जिसके कारण हम लोग और भयभीत हैं।

बनारस में सीएम और पीएम

जिस दिन लड़कियों के साथ छेड़खानी की घटना हुयी उस दिन बनारस में सीएम और पीएम दोनों थे, लेकिन किसी ने लड़कियों से मिलना तो दूर की बात मामले की जाँच के भी आदेश नहीं दिए। उल्टा बनारस में जैसे ही कार्यक्रम खत्म हुआ पीएम और सीएम के काफिले के निकलते ही शनिवार की रात को कैम्पस के अंदर छात्राओं पर जमकर लाठियां बरसाई गयीं। जिसमें कई लड़किया घायल हो गयी हैं। कैम्पस के अंदर छात्राओं में पीएम, सीएम और यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ आक्रोश है। अब छात्राओं की मांग है की कुलपति को हटाया जाए तभी कैम्पस के हालत सामान्य होंगे। हलांकि दो अक्टूबर तक छुट्टी की घोषणा कर दी गयी है लेकिन छात्र कैम्पस में जमे हुए है। यूनिवर्सिटी को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। हालत शांत हैं लेकिन तनावपूर्ण है।

सर्वत्र हो रही पीएम और सीएम की निंदा

पीएम और सीएम के वाराणसी में मौजूदगी के बाद लड़कियों से न मिलने और छेड़खानी की घटना के बाद आरोपियों पर कार्रवाई न होने से लड़कियों परिजन भयभीत हैं। परिजनों और राजनितिक दलों ने पीएम पर निशाना साधदते हुए कहा है कि बीएचयू की घटना निंदनीय है। लोगों का कहना है कि अगर सूबे के सीएम और मुल्क के पीएम के शहर में होने पर लड़किया सुरक्षित नहीं हैं तो बाकि के दिनों में क्या होता होगा इसका अंदाज़ा लगाया जा सकता है।
अभी तक मामले पर यूपी शासन चुप्पी साधे हुए है। आरोपियों को क्यों बचाया जा रहा है ? इसके कारणों का पता नहीं चल पाया है लेकिन कुछ लोगों का अनुमान है कि छेड़खानी करने वाले छात्र एबीवीपी के हो सकते हैं इसलिए सरकार के दबाव में यूनिवर्सिटी कार्रवाई करने से परहेज कर रही है और पुलिस प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर बीएचयू छात्रओं से मिलने गए थे लेकिन उनको रस्ते में ही गिरफ्तार कर लिया गया। 

सीएम ने दिए जांच के आदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी के कमिश्नर से बीएचयू के पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट मांगी है। वहीं विश्वविद्यालय के कुलपति गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने इस पूरे मामले को राजनीति से प्रेरित करार दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे की वजह से यह विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया. इस घटना में बाहरी लोग शामिल हैं। इसके साथ ही उन्होंने छात्राओं की मांग पर कहा कि वे सुरक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए जरूरी कदम उठा रहे हैं।

Previous
Next

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*