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सभी राज्यों के चुनाव एक साथ कराने में क़ानूनी अड़ंगा : चुनाव आयोग

सभी राज्यों के चुनाव एक साथ कराने में क़ानूनी अड़ंगा : चुनाव आयोग

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by October 8, 2017 दिल्ली

नई दिल्ली। लोकसभा और विधान सभा के चुनावों को एक साथ कराने पर हो चर्चा पर आयोग ने विराम लगा दिया है। सभी राज्य विधान सभाओं के चुनाव एक साथ कराने का पक्ष लेते हुए चुनाव आयोग ने आज कहा कि ऐसा कुछ करने से पहले तमाम राजनीतिक पार्टियों को इसके लिए सहमत करना जरूरी है।

चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने पीटीआई भाषा से बातचीत में कहा, ‘‘चुनाव आयोग का हमेशा से नजरिया रहा है कि एक साथ चुनाव कराने से निवर्तमान सरकार को आदर्श आचार संहिता लागू होने से आने वाली रूकावट के बगैर नीतियां बनाने और लगातार कार्यक्रम लागू करने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा।’’
उन्होंने कहा कि संविधान और जनप्रतिनिधित्व कानून में जरूरी बदलाव करने के बाद ही एक साथ चुनाव कराना मुमकिन हो सकेगा। मौजूदा कानूनी और संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार किसी राज्य की विधानसभा या लोकसभा का कार्यकाल खत्म होने से छह महीने पहले तक चुनाव कराए जा सकते हैं। रावत ने कहा कि संवैधानिक और कानूनी खाका बनाने के बाद ही तमाम तरह के समर्थन मांगना और एक साथ चुनाव कराना व्यवहार्य होगा।

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