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G Noida: 93 दिनों से किसान धरने पर, प्रशासन बेपरवाह

G Noida: 93 दिनों से किसान धरने पर, प्रशासन बेपरवाह

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नोयडा। मूल आबादी के अधिग्रहण और मुआवजा दर 118 रुपए प्रति वर्ग मीटर किए जाने को लेकर पिछले 93 दिनों से धरनारत दोस्तपुर मंगरौली गांव के किसानों का जिला प्रशासन के विरुद्ध गुस्सा फूट रहा है। किसानों का सीधा आरोप है कि जिलाधिकारी बी एन सिंह की हठधर्मिता और किसान विरोधी नीति के कारण उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।

धरने के संयोजक चमन प्रधान ने कहा कि हम गांव के किसान पिछले 93 दिनों से भीषण गर्मी में धरने पर बैठे हुए हैं। धरने पर गांव के बुजुर्गों के साथ महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं, पर जिला प्रशासन हमारी समस्या का समाधान करने की जगह अपनी कान में तेल डाल कर सोया हुआ है। जिलाधिकारी हमें कानून का पाठ पढ़ा कर हम सभी किसानों को धोखा दे रहे हैं। जबकि जिले के सांसद मंत्री डॉक्टर महेश शर्मा, नोएडा, दादरी व जेवर के विधायक चाहते हैं कि किसान हित में जिला प्रशासन उचित कार्यवाही करे, लेकिन जिलाधिकारी की तानाशाही से सांसद मंत्री और विधायक भी कुछ नहीं कर पा रहे हैं। उनकी लाचारी स्पष्ट दिखाई दे रही है।

इस मौके पर बुजुर्ग किसान कालू प्रधान और आर डी चौहान कहा कि भाजपा के शासनकाल में अधिकारी बेलगाम हो गए हैं। किसानों की बात और मांग को कहीं नहीं सुनी जा रही है। वे मंत्री, संतरी पर पर भारी पड़ रहे हैं। वे कुछ नहीं कर पा रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि जब सांसद और विधायक ही अधिकारियों की जी – हजूरी करने में जुटे हुए हैं, तो उन्हें न्याय कैसे प्राप्त होगा ?
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने उनके जमीन अधिग्रहण क्रम में पहले तुगलकी नीति अपना कर फार्म हाउस के नाम पर 118 रुपये प्रति वर्ग मीटर मुआवजा कर दिया। तात्कालिक मुआवजा नीति को भी जूते तले रौंद दिया गया। किसानों की बात सुनी नहीं गई। जिला प्रशासन के भ्रष्ट अफसरों ने किसानों को कंगाल बनाने की नीति पर काम किया। आज हम न्याय की मांग कर रहे हैं तथा धरने पर बैठे हुए हैं तो जिलाधिकारी कानूनी अड़चनें बताकर हमारी मांगों को नजरअंदाज कर रहे हैं। जिलाधिकारी एक तरफ प्रशासन की तकलनीकी गलती मान रहे हैं तो दूसरी तरफ इसका समाधान करने में बाधक बने हुए हैं।

आज धरने पर साहब सिंह, सुंदर, राजवीर चौहान,विजयपाल भाटी, हीरालाल, ज्ञानचंद शर्मा, गीता, शीला, संतरे, शकुंतला, ओमवती सहित अन्य किसान एवं महिलाएं शामिल हुए।

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