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देश भर में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई ईद, नमाज़ के बाद गले मिलते ही मिट गयीं दूरियां

देश भर में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई ईद, नमाज़ के बाद गले मिलते ही मिट गयीं दूरियां

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नई दिल्ली। मुसलमानों का सबसे बड़ा पर्व ईद देश भर में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। शांति, सद्भाव और भाईचारे के प्रतीक इस पर्व से पहले मुसलमान एक महीने तक बिना कुछ खाये पिये रोज़ा रखते हैं और रमजान के 30 रोजे पूरे होने के बाद ईद मनाई जाती है। रमजान को सबसे पवित्र महीना माना जाता है क्यूंकि इसी महीने में मुसलमानों की सबसे पवित्र किताब कुरान शरीफ नाज़िल हुई थी। कुरान शरीफ के पूरे होने की खुशी में मुसलमान ईद के दिन सुबह नमाज पढ़ते है और दुनियां बनाने वाले परवरदिगार का शुक्रिया अदा करते हैं।

आज के दिन सबके लिए नए नए कपड़े बनवाये जाते हैं और तरह तरह के पकवान बनाये जाते हैं। लोग ईद की नमाज़ के बाद एक दूसरे से गले मिलते हैं और एक दूसरे के घर जा कर सिवइयां खाते हैं। आज के दिन सालभर के सभी गिले शिकवे को भुला कर लोग एक दूसरे के गले मिलते है। इसी लिए ईद को आपसी सद्भाव और भाईचारे का प्रतीक पर्व माना जाता है।

ईद पर बच्चों में सबसे ज्यादा उत्साह होता है। बच्चों को नए नए कपड़े मिलते हैं और ईदी दी जाती है जिससे बच्चे अपने मन पसन्द खिलौने और खाने पीने की चीजें खरीदते हैं।

ईद पर हर मुसलमान अपनी साल भर की कमाई का कुछ हिस्सा गरीबों में दान करते हैं, जिसे फितरा कहते हैं। दुनियां भर में चलने वाले इस्लामिक स्कूल की सहायता में फितरा का बहुत बड़ा सहयोग होता है। फितरा उन स्कूलों और मदरसों को दिया जाता है जहां गरीब और बेसहारा बच्चे पढ़ते हैं।
ईद का पर्व दुनियां में शान्ति और सद्भाव का पैगाम देता है। आज़मगढ़ के अतरौलिया बाजार मेंं शान्तिपूर्वक ईद  की नमाज़ सम्पन्न हुई। नमाज के बाद समाजवादी पार्टी के महासचिव और पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री बलराम यादव ने लोंगों से मिल कर ईद की मुबारकबाद दिया और सिवइयां खाई। क्षेत्र के दूसरे हिस्से में क्षेत्रीय विधायक संग्राम याद ने भी लोंगों से मुलाकात कर ईद की मुबारकबाद दिया और गले मिले।

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