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यूपी कैबिनेट मंत्री: अखिलेश सरकार की नीति  बेहतर ,पॉलिसी थी कस्टमर फ्रेंडली

यूपी कैबिनेट मंत्री: अखिलेश सरकार की नीति  बेहतर ,पॉलिसी थी कस्टमर फ्रेंडली

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लखनऊ: सोलर नीति 2017 के बारे में बता रहे कैबिनेट मंत्री बृजेश पाठक अखिलेश सरकार की तारीफ कर बैठे। उन्होंने कहा, ” पुरानी नीति थी, वो कस्टमर के साथ-साथ इनवेस्टमेंट फ्रेंडली भी थी। हमने सभी के लिए योजना को बनाया है। देश के इनवेस्टर्स और कस्टमर को अट्रैक्ट करने के लिए बदलाव किया गया है।” सरकार बिल्डिंग सोलर लाइट से होंगे रोशन….
कैबिनेट मंत्री बृजेश पाठक ने कहा, “जल्द ही सरकारी बिल्डिंग सोलर लाइट की रौशनी से जगमगाएंगे। इसके लिए अगले 5 सालों में 50 हजार करोड़ का इनवेस्टमेंट होगा। सोलर पॉवर को बढ़ावा देने के लिए हमने इंन्सपेक्टर राज को खत्म किया है। किसी भी बिजनेस मैन को अब ऑफिस, वर्कशॉप या प्लांट में सोलर बिजली के लिए प्लांट किसी अधिकारी से एनओसी नहीं लेना होगा।”
“कोई भी खुद ऑनलाइन सेल्फ सर्टिफिकेशन के जरिए फॉर्म फिल करेगा, उसे हम प्लांट और सब्सिडी देंगे। किसी प्रकार की कोई एनओसी नहीं देनी होगी। हमने सभी डीएम, बीडीओ, सीडीओ, तहसील, ब्लॉक और ग्राम प्रधान से कहा है कि वो सोलर लाइट का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें।”
“लोगों में जागरूकता आए, इनके अलावा यूपी के सभी सरकारी भवनों में सोलर लाइट के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए हर विभाग को लेटर के जरिए कहा गया है।”
चाइनीज सोलर पैनल लगाने पर नहीं मिलेगी सब्सिडी
कैबिनेट मंत्री बृजेश पाठक ने कहा, “यूपी सरकार एक किलोवाट से लेकर चाहे जितनीं यूनिट लगाएं यूपी सरकार की ओर से पूरी 30 फीसदी की सब्सिडी दी जाएगी।”
“चाइनीज़ सोलर पैनल लगाने पर सब्सिडी नहीं दी जाएगी। प्लांट इंडिया मेड होने पर ही ये सब्सिडी मिलेगी, या फिर कोई भी व्यक्ति हमारे यहां से भी आकर खरीद सकता है।”
“हर शहर और गांवों के सड़कों पर रोड लाइट्स पर सोलर पैनल लगाने की योजना चल रही है, जिसके जरिए हमारी पूरे प्रदेश की 35 प्रतिशत तक बिजली खपत कम होगी।”
बुंदेलखंड में होगी सोलर पार्क की स्थापना
बुंदेलखंड की लाखों एकड़ जमीन पर सोलर पॉवर प्लांट लगाने की योजना बनाई है। इसमें सोलर पार्क के नाम से जाना जाएगा।
इसमें इनवेस्टर्स को ‘पहले आओ,पहले पाओ’ के आधार पर प्लांट को लगाने की परमिशन दी जाएगी। किसी प्रकार से सोलर पार्क की जमीन और दूसरे क्षेत्रों में प्रयोग नहीं किया जा सकेगा। इससे दूसरे प्रदेशों में बिजली को बेचा भी जा सकता है।

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