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आइटी कंपनियों को सर्विस टैक्स की अदायगी से मिली बड़ी राहत

आइटी कंपनियों को सर्विस टैक्स की अदायगी से मिली बड़ी राहत

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by December 13, 2017 व्यापर

नई दिल्ली। देश की आइटी कंपनियों को सरकार द्वारा मांगे गये 10 हजार करोड़ रुपये सर्विस टैक्स से बड़ी राहत मिली है। अपीलीय कमिश्नर से टैक्स डिमांड खारिज किये जाने के बाद कंपनियों को टैक्स नहीं चुकाना होगा। यह जानकारी खुद सरकार से स्तर से दी गई है।

कर विभाग ने करीब 200 आइटी और आइटी इनेबल्ड सर्विस (आइटीईएस) कंपनियों को नोटिस भेजा था। ये नोटिस वर्ष 2012 से 2014 के कारोबार से संबंधित हैं। विदेशी ग्राहकों को सॉफ्टवेयर बेचने पर कंपनियों द्वारा लिये गये निर्यात से जुड़े लाभ वापस करने को कहा गया था। इन लाभों में सर्विस टैक्स प्रमुख है। विभाग का मानना था कि भारत से बाहर ग्राहकों को सॉफ्टवेयर की आपूर्ति करना निर्यात की श्रेणी में नहीं आता है। इसके पीछे विभाग का तर्क था कि ग्राहक इन आइटी और आइटीईएस कंपनियों को ईमेल के जरिये सॉफ्टवेयर से संबंधित अपनी जरूरतों के बारे में बताते हैं। बदले में कंपनियां उन्हें सेवा प्रदान करती हैं।

वित्त मंत्री अरुण जेटली से बजट पूर्व चर्चा करते हुए सोमवार को आइटी कंपनियों ने यह मुद्दा उठाया था। मंगलवार को वित्त मंत्रलय ने बताया कि अपीलीय कमिश्नर निचले स्तर के अधिकारियों के इस आदेश को खारिज कर चुके हैं।

जीएसटी क्रेडिट रिफंड क्लेम 27 तक संशोधित करें
सरकार ने व्यापारियों से कहा है कि जीएसटी के तहत ट्रांजीशन क्रेडिट रिफंड के गलत क्लेम को 27 दिसंबर तक ट्रान-1 फार्म के जरिये संशोधित कर लें। ऐसा न करने पर कार्रवाई की जाएगी। कारोबारी जीएसटी लागू होने से पहले के टैक्स क्रेडिट अपने आखिरी रिटर्न में क्लोजिंग बैलेंस के आधार पर ले सकते हैं। सरकार ने कहा कि सिर्फ सही भरे फॉर्म पर ही ट्रांजीशन रिफंड मिलेगा और गलत फॉर्मो की जांच की जाएगी। कुछ करदाताओं ने सीजीएसटी के तहत गलत ट्रांजीशनल क्रेडिट रिफंड भरा है। दुरुस्त होने पर ही रिफंड दिया जाएगा।

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