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तैमूर का जन्मदिन :पटौदी पैलेस में परिवार के साथ पहुंचे फिल्म अभिनेता सैफ अली खान

तैमूर का जन्मदिन :पटौदी पैलेस में परिवार के साथ पहुंचे फिल्म अभिनेता सैफ अली खान

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by December 20, 2017 दिल्ली

गुरुग्राम । बेटे तैमूर का जन्म दिन मनाने के लिए  क्षेत्र के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। चार दिन पहले अपनी बेगम फिल्म अभिनेत्री करीना कपूर व परिवार के साथ आए सैफ रविवार शाम खेतों की ओर घोड़े से गए थे।

सोमवार को वह फिर बेटे तैमूर के साथ घोड़े पर नजर आए। मंगलवार को घोड़े की बजाय व खेतों के पास ट्रैक्टर से चक्कर लगाते नजर आए। उनके साथ करीना कपूर का बेटा भी था। सैफ को बाहर देखने के लिए शाम से ही लोग महल व खेतों के पास एकत्र हो जाते हैं।

मालूम हो कि सैफ अली खान परिवार के साथ तैमूर का जन्म दिन मनाने पटौदी पहुंचे हैं। तैमूर का जन्मदिन 20 दिसंबर यानी आज मनाया जाएगा। इसके लिए महल को रंगीन रोशनी से सजाया गया है। कार्यक्रम में भाग लेने के लिए बड़ी हस्तियों के पहुंचने की उम्मीद है। अभी तक करीना की बहन करिश्मा कपूर, उनकी मां बबीता पहुंच चुकी हैं।

तैमूर का 20 दिसंबर को पहला जन्मदिन है। 20 दिसंबर को वह एक साल का हो जाएगा। करीना कपूर के रिश्ते में दादा लगने वाले अभिनेता शशि कपूर के निधन की वजह से जन्मदिन सादे रूप में मनाने का निर्णय लिया है।

इसमें परिवार के काफी नजदीकी लोग ही भाग लेंगे। आयोजन को लेकर पटौदी पैलेस में तैयारी चल रही है। शनिवार शाम सैफ अली खान स्वयं ड्राइविंग करते हुए पैलेस पहुंचे। बताया जाता है कि इस बार सैफ यहां पर घुड़सवारी भी सीखेंगे। उन्हें अपनी आने वाली फिल्म में घुड़सवारी करनी है। इसके लिए फरीदाबाद गोल्फ कोर्स से दो घोड़े मंगवाए गए हैं।

तीन माह पूर्व दादी के साथ भी आ चुका है तैमूर

अपने जन्‍म के बाद पहली बार प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता सैफ अली खान एवं प्रसिद्ध अभिनेत्री करीना कपूर का बेटा तैमूर अली खान पटौदी अपनी दादी शर्मिला टैगोर के साथ पटौदी स्थित अपने महल में पहुंचा था।

जन्म के 257 दिन अर्थात् लगभग साढ़े आठ माह बाद पहली बार पटौदी पैलेस पहुंचे तैमूर अली खान का महल के कर्मचारियों ने वैलकम कहकर स्वागत किया था। तैमूर के साथ उसकी एक आया भी साथ आई। इस दोरान शर्मिला टैगोर ने तैमूर को पटौदी पैलेस में घुमाया था।

उस वक्‍त करीना कपूर शूटिंग के सिलसिले में दिल्ली आई हुई थीं। ऐसे में वे अपने साथ तैमूर को भी ले आईं। परंतु उस वक्‍त स्थानीय लोग तैमूर से मिल उसे दुलार नहीं दे पाए थे।

दरअसल उनके महल में रहते हुए आम जन को महल में प्रवेश नहीं दिया गया था। उल्लेखनीय है कि नवाब परिवार से लगाव के चलते तैमूर के जन्म पर नगर के अनेक लोगों ने खुशी मनाई थी तथा अपनी शुभकामनाएं दी थीं।

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