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गुरुग्राम: आरएसएस और भाजपा मुसलमानों की धार्मिक आज़ादी पर कर रहे हैं हमला

गुरुग्राम: आरएसएस और भाजपा मुसलमानों की धार्मिक आज़ादी पर कर रहे हैं हमला

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नई दिल्ली। गुरुग्राम में कटटरवादी हिन्दू संगठनों द्वारा मुसलमानों को सार्वजनिक स्थल पर जुमे की नमाज पढ़ने से रोकने के बाद से मामला बिगड़ता ही जा रहा है। हरियाणा के मुख्यमंत्री ने पहले कटटरवादियों का समर्थन किया और बाद में फिर अपनी बात से पलट गए। खटटर के अनुसार नमाज पढ़ने से किसी को रोका नहीं जा सकता लेकिन मुसलमान ईदगाह और मस्जिदों में ही नमाज पढ़ने की कोशिस करें।

गौरतलब है की २० अप्रैल को गुरुग्राम के सेक्टर ५३ के सार्वजनिक स्थल पर जुमे की नमाज का हिंदूवादी संगठनों विरोध किया था। हलांकि नमाजियों को धमकाने और नमाज में बाधा पहुंचाने वालों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है परन्तु मामला अब राजनितिक होने के कारण दिन पर दिन बिगड़ता ही जा रहा है। नमाज़ के विवाद के बाद से गुरुग्राम में जुमे की नमाज़ पुलिस सुरक्षा में पढ़ी जा रही है।

मुस्लिम धर्मगुरुओं ने नमाज पर पाबंदी को धार्मिक आज़ादी पर खतरा बताया है। उनका कहना है की दुनियां में सभी इंसानों को धार्मिक आज़ादी है और ज्यादातर मुल्कों में धार्मिक पर्व सार्वजनिक स्थलों पर ही मनाये जाते हैं लेकिन इसका किसी सरकार ने कभी विरोध नहीं किया और न ही कभी कहीं प्रतिबंध लगाया गया है। जब से भाजपा सरकार आयी है तब से हम अपने ही देश में पराये से हो गए हैं और अल्पसंख्यकों को निशाना बना कर उनके अधिकारों को छीना जा रहा है, उनकी आज़ादी पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है और केंद्र व राज्य सरकारें कटटरपंथियों का समर्थन कर रहीं हैं जिसके कारण उनके हौसले बुलंद हैं।

धार्मिक आज़ादी

दुनियां भर इंसान को किसी भी धर्म को अपनाने, धार्मिक परिक्रमों में शामिल होने और धार्मिक पर्वों को मनाने की आज़ादी है। यह मानव अधिकार है। धर्मिक आज़ादी को संकुचित करना, मानव अधिकारों को संकुचित करने के सामान है। भारत में सभी धर्मों के लोग अक्सर धार्मिक कार्क्रम सार्वजनिक स्थलों पर ही करते हैं लेकिन कभी किसी को आपत्ति नहीं हुयी और न ही कभी किसी ने इसका विरोध किया। फिर भाजपा के शासन में ऐसा क्यों हो रहा है ? यह चिंता का विषय है।

वक्फ की ज़मीन मुसलमानों को दिया जाये

मुस्लिम संगठनों का कहना है की सरकार अगर हमें सार्वजनिक स्थलों पर नमाज़ नहीं पढ़ने देगी तो वक़्फ़ बोर्ड की वह ज़मीनें जिस पर लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है उसे अतिक्रमण मुक्त करवा कर हमें सौंप दे जिससे की हम उस पर नमाज़ पढ़ सकें। मुस्लिम संगठनों के अनुसार गुरुग्राम में वक़्फ़ बोर्ड की लगभग २० सम्पत्ति है जिस पर लोगों ने अतिक्रमण किया हुआ है। सरकारों ने वक़्फ़ बोर्ड की सम्पत्तियों को कभी भी संरक्षित करने का प्रयास नहीं किया जिसके कारण ज़मीनों पर अतिक्रमण हो गया और हमें मजबूरन सार्वजनिक स्थलों पर नमाज़ पढ़ना पद रहा है।

कब बंद होंगी आरएसएस की शाखएँ

गुरुग्राम में हिंदूवादी कटटरपंथियों दवरा मुसलमानों को जुमे की नमाज पढ़ने से रोकने के बाद से इस मामले पर सियासत भी शुरू हो गयी है। सीएम खटटर के ब्यान के बाद कांग्रेस पार्टी ने कहा की जब संघ के लोग देश भर में सार्वजनिक स्थलों पर शाखाएं लगा सकते हैं तो फिर मुसलमानों के नमाज़ पढ़ने पर क्या आपत्ति है। कांग्रेस के अनुसार २०१९ के विधान सभा चुनाव के मद्देनज़र भाजपा और उसके सहयोगी कटटरवादी संगठन हरियाणा का साम्प्रदायिक माहौल बिगड़ने का प्रयास कर रहे हैं।

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